Chapter-2-1
दूसरे दोस्त ने फोन छीनकर काट दिया हम तो सोच रहे थे तुम यूं ही फोन लगाकर बात करने का बहाना कर रहा है और तूने सच में कोल लगा दिया।उसने बोला हंसते हुए कहा मैं किसी से डरता नहीं ।मैं तेरी शादी इसी से करवाऊंगा।अब आगे क्या हुआ पता नहीं आज 15साल हो गए।
मेरे बड़े मामा ने नया फ़ोन ख़रीदा था नोकिया 3310 उन्हें चलाना नहीं आता बार बार स्क्रीन पर एक गुड़िया सी आ जाती ।हम सब सोचते इस फ़ोन में कुछ गडबड है ।मामा भी समझ नहीं पाते थे।वो उससे परेशान थे उस दौर में किसी के फ़ोन भी नहीं आते थे यूंही पड़ा रहता था उनकी जेब में और उनको चलाना भी नहीं आता था दूसरी स्क्रीन पर वो गुडिया आ जाती थी।मेरे मामा से मैंने कहा कुछ समय मुझे दे दो मैं सीखता हूं और फिर आपको सिखा दूंगा तब आप रख लेना ।मामा राज़ी हो गए मैं उसको लेकर शहर चला गया। जहां मैंने कमरा ले रखा था। मेरे दो और दोस्त मेरे साथ रहते थे । वो बोले इसमें नई सिम हम डलवा लेते हैं हमने सिम डलवा ली और कभी वो अपने रिश्तेदारों को तो कभी अपने दोस्तों को फोन करते।मेरे तो किसी रिश्तेदार के पास फोन था नहीं तो मैं तो उनकी बातें ही सुनता एक दिन मेरा स्कूल का एक दोस्त जो की स्कूल का सबसे हैंडसम लड़का था जिसका बाप मेरे ही स्कूल में भौतिक विज्ञान की लैब का असिस्टेंट था।वह दोस्त हमेशा पांच छः का झुण्ड लिए ही घूमता था उसको सब दोस्त बनाना चाहते थे क्योंकि एक तो हैंडसम ऊपर से स्कूल के लैब असिस्टेंट का लड़का जो कि प्रेक्टिकल में नम्बर दिला सकता और वो होनहार भी था और जो मर्जी लड़की सेट कर लेता और साथ साथ गैंग भी रखता।अपने घमण्ड में चूर रहता अपने यारों के साथ सिगरेट पीना कभी कभी दारू भी पीता और तो और कफ सीरप भी पीता था।
Comments
Post a Comment