Chapter-2-3

 ठीक है उन्होंने कहा।इसके कुछ दिनों बाद मेरा  दोस्त मेरे घर आया मुझसे कहने लगा अलवर चलेगा क्या मैंने बोला मां की तबीयत ख़राब है  कुछ कह नहीं सकता हूं।वो चला गया ।उसके जाने के घण्टे दो घण्टे बाद ही मैं भी अलवर पहुंच गया। मैं जैसे ही पहुंचा तो मैंने देखा तो मेरे रुममेट मेरा मामा वाला मोबाइल ढूंढ रहे थे  एक दोस्त कह रहा था मैंने यहां रखा था इतने में मेरा गांव वाला मित्र अवी भी आ गया वह लैट्रिन गया हुआ था दूसरा कह रहा था मैं दूध की थैली लिए आ गया था बोला तू तो कल आने वाला था अवी ने पूछा।मैंने बोला मां ने भेज दिया छुट्टी नहीं करनी । अभी तो मोबाइल इसके पास था इतनी ही देर में कहां गया?पलंग के नीचे देखो । मैं फो़न लगाकर देखता हूं ।फोन तो कह रहा है जिससे आप कोल कर रहे हो वहां पहुंच संभव नहीं है।  अवि कहता है कोई उठा तो नहीं गया? पहले नम्बर बंद करवाओ कहीं कोई काण्ड कर दे और तुम फंस जाओ चलो कस्टमर केयर। मेरे दोनों रूममेट और मैं घबराहट में थे ।हम पैदल ही कस्टमर केयर पर गये । मोबाइल को ढूंढने के लिए पुलिस में एफआईआर करवानी पड़ेगी मेरे रूममेट ने कहा मेरा एक मिलने वाला कांस्टेबल है थाने में‌ पहले थाने चलते हैं ।अवि ने भी कहा हां चलो थानेदार हमारे रिश्तेदार ही हैं वो 

हैल्प कर देंगे तू टैंशन‌ मत ले तेरा मोबाइल मिल जाएगा । नहीं तो मैं दूसरा दिलवा दूंगा । जब हम पैदल रास्ते में जा रहे थे तो अवि ने अपने मुंह से पसीना पौछने के लिए जैसे ही रुमाल निकाला तो उसमें से मोबाइल की बैट्री निकल कर पडी़ जो की मेरे मोबाइल की थी क्योंकि मैंने उसपर लगे निशान को पहले से  जानता था। मैंने कहा यार ये तो मेरे वाले फोन की बैटरी है मैंने घर पर इसके नंबर भी लिख रखें है  मैंने बोला ठीक है इसके नंबर नोट करवा मैं मैच करुंगा  उसने बताया यार ये बैटरी मेरे दूसरे दोस्त के फोन‌ की है उसने दूसरी लाने को बोला था। और बैटरी के नंबर सबके एक होते हैं ।फिर भी तू नोट करना चाहे तो ले लिख xXXXXXXx (अब याद नहीं)मैंने हाथ में लेकर मैच किया तो लास्ट का ग़लत था बोला पता नहीं चला जल्दी जल्दी में।बोला अगर तुम्हें मुझ पर शक है तो तुम मेरे नाम से एफ आई आर लगा दो कोई दिक्कत नहीं है मैं तुम्हारे साथ थाने चलने को तैयार हूं।हम थाने गये वह टैंशन फ्री था लेकिन हम घबराए हुए थे और मोबाइल खोने की टैंशन साथ में सिम  मिस यूज की टैंशन दूसरी ये की थानेदार इसका फूफा है कोई दूसरे केस में ना धरवा दे।हमारी हिम्मत नहीं हो रही थी थाने में घुसने की और वो आराम से अंदर चला गया हम बाहर ही रुके रहे।वो पांच सात मिनट में बाहर आया बोला तुम्हें फूफा जी बुला रहे हैं हम डर से गए लेकिन फिर हिम्मत करके अंदर गए।देखा तो थानेदार बैठा था मैं सबसे दूर बैठा मेरे दोनों दोस्त सामने बैठ ग ए। थानेदार ने पूछा क्या समस्या है हमने सब बता दिया की ऐसे हुआ है और बैटरी इसके पास मिली है ।बोला बैटरी नंबर से मोबाइल नहीं मिल सकता तुम एक बार घर जाओ अपने कमरे में फिर से चैक करो ढंग से। फिर दुबारा आना। हम वहां से बाहर आए उसको थानेदार ने वही रोक लिया।हम बाहर आकर प्लान करने लगे की क्या किया जाए। मेरे दोनों दोस्त किसी को एसटीडी बूथ से फोन‌ करने चले गए मैं थाने के सामने एक दुकान पर साइड में खड़ा हो गया थोड़ी देर बाद अवि बाहर निकला हमें वहां नहीं पाकर वह निश्चित हो गया वह थाने के बगल में बनी प्याऊ से पानी पीने गया पानी पीने के बाद वह अपने जूते को सैट करने लग गया और फिर अपनी अंडरवियर को सैट करने लगा उसे पता नहीं था की मैं उसे देख रहा था।अब मेरा शक और गहराता गया ।वह वापस थाने में घुस गया मैंने अपने दोस्तों को सारी बात बताई हम सब वापस अंदर गए तो गेट के पास ही कोंसटेबल खडा़ था वह बोला मोबाइल इसने ही लिया है लेकिन मैं कुछ बोल नहीं सकता ये थानेदार का रिश्तेदार है ।अवि जैसे ही गेट के पास आया तो हमने बोला इसके जूते खुलवाओ इसमें रखा है। सिपाही ने बोला खोलकर दिखा दे इनका डाउट हट जाएगा।अवि ने बोला तू कौन है मेरी तलाशी लेने वाला मेरे पास टाइम नहीं है और थाने से बाहर निकल गया और साइड में होते हुए चला गया हमारा शक यकीन में बदल गया

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