Chapter-2-4

 मेरे दोस्त बोले हम जा रहे हैं किसी से मिलने इसकी शिकायत डीएसपी से करेंगे।मैंने कहा जो करना है करो मोबाइल तो गया ।मैं कमरे पर पहुंच गया घण्टे दो घण्टे बाद मेरे दोस्त भी आ गए। थोड़ी देर बाद अवि भी अपने पापा के साथ कमरे पर आ गया। उसके पापा सारी बात पूछी और बोले मोबाइल इसके पास नहीं है और अगर होगा तो मैं पता और कर लूंगा तुम दोस्त हो इसके ये मेरा बेटा वैसे ही तुम मेरे बच्चे।ऐसे बेवजह बदनामी होती है मैंने इसके फूफा से बात करली है फोन जिसके भी पास होगा पता चल जाएगा।अवि के साथ जाओ इसको एक रिचार्ज दिला लाओ मैं उसके साथ गया वो रास्ते में बोला तू मुझ पर ग़लत शक कर रहा है तू ग़रीब लड़का है तेरी ग़रीबी की हालत मैं जानता हूं मैं तेरा मोबाइल लूंगा क्या तुझे मैं सबसे अच्छा दोस्त समझता हूं मैंने वहां जूते खोलकर नहीं दिखाए क्योंकि उसमें मेरे नशे करने की सामग्री थी और वो मेरे फूफा को पता चल जाती और फूफा मेरे बाप को बता देते ।मेरी ढंग से तुड़ाई होती। इसलिए नहीं दिखा पाया पर तेरा फोन मैंने नहीं लिया।

मैंने कहा कोई बात नहीं ।वापस कमरे पर आए उसके ने दिलासा दिया और चले गए।मेरे दोस्त बड़े परेशान थे आपस में पैसे आधे आधे कर थोड़े दिनों में मुझे नया फ़ोन दिलाने के लिए बात कर रहे थे क्योंकि फ़ोन मेरे मामा का था और मेरे पास दूसरा फ़ोन ख़रीदकर देने के लिए पैसे नहीं थे।और फ़ोन खोया तब उनके हवाले था।

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