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Showing posts from May, 2021

Chapter 2-5

 दो -चार दिन गुज़र गए।एक दिन हम कमरे पर पढ़ाई कर रहे थे की अचानक ही अवि के पापा आए आदर सम्मान कर के बाद उन्होने मोबाइल यह कहते हुए मेरे हाथ में दिया कि अवि तुझसे मज़ाक कर रहा था वो चाहता था की तू उसका ड्राइंग की फाइल बनाएगा तब वह लौटा देगा।मैंने ख़ुशी और धन्यवाद के साथ वो ले लिया मैं  मन ही  मन में जनता था की वो अपने लड़के का बचाव चतुराई से कर रहे थे जबकि सारी कहानी से वो वाक़िफ़ ही नहीं थे।  बीए फाइनल के दौरान मेरी माताजी कई बार बीमार पड़ीं । जब तक दवाई चलती जब तक वो ठीक रहती और फिर वो  थोड़े दिन बाद बीमार पड़ जाती ।मैं उनको सरकारी अस्पताल में लेकर जाता था लेकिन सरकारी अस्पताल में डाक्टर  दवाई बाहर की लिखते जो ₹150-500  की होती जो की मैं वहन नहीं कर पाता क्योंकि पिताजी पैसे समय पर नहीं भेज पाते और जो आते वो पुराने कर्जे को चुकाने में चले जाते।एक बार मैं बहुत परेशान था मेरे पास पैसे नहीं थे और मां बार बार बीमार हो जाती थी।मैं एकांत समय में डाक्टर से मिलने की प्लानिंग की शायद डाक्टर कोई मदद करें और दवाई अंदर की ही लिख दे। मैंने शाम का समय चुना जब डाक्टर...

Chapter-2-4

 मेरे दोस्त बोले हम जा रहे हैं किसी से मिलने इसकी शिकायत डीएसपी से करेंगे।मैंने कहा जो करना है करो मोबाइल तो गया ।मैं कमरे पर पहुंच गया घण्टे दो घण्टे बाद मेरे दोस्त भी आ गए। थोड़ी देर बाद अवि भी अपने पापा के साथ कमरे पर आ गया। उसके पापा सारी बात पूछी और बोले मोबाइल इसके पास नहीं है और अगर होगा तो मैं पता और कर लूंगा तुम दोस्त हो इसके ये मेरा बेटा वैसे ही तुम मेरे बच्चे।ऐसे बेवजह बदनामी होती है मैंने इसके फूफा से बात करली है फोन जिसके भी पास होगा पता चल जाएगा।अवि के साथ जाओ इसको एक रिचार्ज दिला लाओ मैं उसके साथ गया वो रास्ते में बोला तू मुझ पर ग़लत शक कर रहा है तू ग़रीब लड़का है तेरी ग़रीबी की हालत मैं जानता हूं मैं तेरा मोबाइल लूंगा क्या तुझे मैं सबसे अच्छा दोस्त समझता हूं मैंने वहां जूते खोलकर नहीं दिखाए क्योंकि उसमें मेरे नशे करने की सामग्री थी और वो मेरे फूफा को पता चल जाती और फूफा मेरे बाप को बता देते ।मेरी ढंग से तुड़ाई होती। इसलिए नहीं दिखा पाया पर तेरा फोन मैंने नहीं लिया। मैंने कहा कोई बात नहीं ।वापस कमरे पर आए उसके ने दिलासा दिया और चले गए।मेरे दोस्त बड़े परेशान थे आपस ...